पिछले कुछ वर्षों में तीन बड़े विचार पहले की तुलना में कहीं अधिक गहराई से एक-दूसरे से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं: शिक्षा, प्रौद्योगिकी और स्थिरता। लंबे समय तक इन तीनों को अलग-अलग क्षेत्रों की तरह देखा गया। शिक्षा को ज्ञान का माध्यम माना गया, प्रौद्योगिकी को सुविधा और गति का साधन, और स्थिरता को मुख्य रूप से पर्यावरण से जुड़ी अवधारणा के रूप में समझा गया। लेकिन आज की दुनिया में यह स्पष्ट हो चुका है कि ये तीनों मिलकर एक नया संस्थागत त्रिकोण बना रहे हैं, जो आधुनिक शैक्षिक संस्थानों के